टेक्नोलॉजी के ज्यादा उपयोग किस प्रकार घातक साबित हो सकता है ?

टेक्नोलॉजी का ज़रूरत से ज़्यादा इस्तेमाल कई तरह की शारीरिक व मानसिक परेशानियां खड़ी कर देता है, हमे टेक्नोलॉजी पर हर बात के लिए निर्भर नही होना चाहिए, और न ही इसकी आदत डाल लेनी चाहिए क्योकि कभी-कभी ये खतरे की वजह भी साबित हो सकती है |

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हम कभी न कभी अखबारों, समाचारों में देखा और पढ़ा होगा | एक गेम ‘पोकेमॉन गो’  के बारे में, जोकि सिर्फ देश ही नही बल्कि विदेशो में भी चर्चा का विषय बना रहा है, इसकी वजह से न सिर्फ बच्चे, बल्कि बडे पर भी काफी असर हुआ है, कई लोग घायल हुए और भी तरीके के नुकसान हुए, फिर भी इसका खुमार जरा भी कम होता नहीं दिखाई दिया | इसके गेम के अलावा भी कई गेम्स व एप्स हैं, जो लोगो के सिर पर चढकर बोलता है, और किसी भी चीज की लत तब खतरनाक साबित होती है, जब उसका उपयोग जरूरत से अधिक किया जाने लगा हो, और तब उन चीजो के बिना जिंदगी में कुछ अधूरा सा लगने लगता है । ठीक उसी प्रकार जैसे :- चाय पीने की लत की तरह ऑनलाइन एंटरटेनमेंट जैसे गेम्स की लत लग गई है। अब लोग सुबह उठने से लेकर रात में सोने तक वे फोन या लैपटॉप की कैद में रहने लगे हैं। अब जब जरा भी टाइम से ब्रेक मिलता आपको तो लोग गेम्स खेलते हुए ही नजर आयेगे । ऐसे लोग कई बार तो इतना खो जाते है कि उन्हें जरूरी काम भी नही याद रहता जैसे :- बस व ट्रेन में अपना स्टॉप आदि | ऐसी आदतों को समय पर नियंत्रित न किया जाए तो यह बेहद तनावपूर्ण और खतरनाक भी साबित हो सकती है।

तकनीक का ज्यादा उपयोग ने हर काम को जितना आसान बनाया है, उतना ही लोगों को आलसी भी बना दिया | उसी तरह ऑनलाइन गेम्स की लत व्यक्ति को शारीरिक व मानसिक तौर पर बीमार कर रही है। जैसे :- एकाग्रता में कमी आना, नींद की समस्या होना, चिडचिडापन होना और भी अन्य समस्याए है |

अगर आपकी काफी कोशिशों के बाद भी बच्चा गेम्स से दूरी न बना पा रहा हो तो किसी मनोवैज्ञानिक सलाहकार की मदद लेने में हिचकिचाएं नहीं |