क्या आप नवरात्री पूजन से जुड़े असली महत्त्वपूर्ण बातो को जानते है ?

नवरात्रि का अर्थ होता है ‘नौ राते’ | नवरात्र के नौ दिन शक्ति/देवी के नौ रूपों की पूजा की जाती है | लेकिन इस साल 2018 में 10 से 19 अक्टूबर तक नवरात्र है | नवरात से जुड़े कई ऐसी पूजन विधि-विधान है जिसे आप लोग अपनाते होंगे | लेकिन क्या आप इसके पीछे असली मत्त्व को जानती है ? अगर नहीं जानती तो चलिए जानते है –

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जौ क्यों बोया जाता है ?

जौ बोने का मुख्य कारण है कि अन्न ब्रम्हा है इसलिए अन्न का सम्मान करना चाहिए | किसानो को हमेशा सम्मान देना चाहिए | पूजा घर में जमीन पर जौ को बोते समय मिटटी में गोबर मिलाकर माँ का ध्यान करते हुए जौ बोये जाते है | अगर जौ सफ़ेद रंग के और सीधे उगे हो तो इसे शुभ माना जाता है | अगर जौ काले रंग के टेढ़े – मेढ़े उगते है तो अशुभ माना जाता है | नवरात्र के ख़तम होने के बाद इसे अन्न से भरे भंडार में रख देते है | इसलिए अच्छे विचारो के साथ किया गया व्रत माँ सदैव स्वीकार करती है |

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कलश क्यों रखा जाता है ?

नवरात्र में पूजा के समय सबसे पहले कलश की स्थापना की जाती है | कलश सोने, चांदी, तांबे या मिट्टी किसी भी चीज़ का हो सकता है | लेकिन एक बात जरुर ध्यान रखे कि कलश में छेद नही होना चाहिए | कहा जाता है कि समुद्र मंथन के समय धन्वन्तरी जी अमृत को भी कलश में ही लेकर निकले थे | कलश पर नारियल भी रखा जाता है | ऐसा माना जाता है कि कलश में ब्रम्हा, विष्णु, महेश तीनो का वास होता है |

गणेश जी की पूजा क्यों की जाती है ?

नवरात्र में किसी प्रकार की बाधा न आये इसलिए सबसे पहले गणेश जी की पूजा की जाती है | गणेश जी की पूजा दूब, शमी, बेलपत्र और 21 लड्डू या मोदक चढ़ाकर करे | गणेश जी अगर प्रसन्न हो गए तो आपको किसी भी चीज़ की कभी कोई कमी नही होगी | रिश्तेदार आपसे हमेशा खुश रहेंगे | नवरात्र में अपने कुल देवी की पूजा भी जरुर करे |

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कौन से रंग माँ को पसंद है ?

माँ अम्बे को लाल रंग के फूल बहुत पसंद है | जब माँ के चरणों में फूल चढ़ाया जाता है या फिर उनको गले में फूलों की माला पहनायी जाती है तो माँ बहुत खुश होती है | शिव भगवान और माँ दुर्गा के पसंदीदा फूल एक जैसे ही है | माँ की पूजा कमल, केसर, बेला, चम्पा, चमेली, अशोक, शमी, पलाश, अमलतास, बेलपत्र, कदम्ब, गूमा आदि फूलो से कर सकते है | माँ की पूजा कभी भी दूब से नहीं करनी चाहिए | माता की प्रिय सभी वस्तुओं की सही से देखभाल करनी चाहिए |

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अखंड दीप क्यों जलाते है ?

नवरात्र में पूजा के समय जो दीपक सबसे पहले दिन जलाया जाता है उसे पूरे नवरात्र के दिनों में दिन – रात जलाये रखा जाता है | सही बात यह है कि सूर्यदेव जीवन और उर्जा प्रदान करते है | पृथ्वी पर अग्नि देव दीपक में प्रज्वलित होते है | जब बिजली नहीं रही होगी तो अखंड दीपक प्रकाश के द्वारा यह बता रहा होगा कि यहाँ पूजा हो रही है | इसी तरह से हम लोगो को अँधेरे हो हटाकर अच्छे विचारो का प्रकाश फैलाना है | नवरात्र में गाय वाले घी का दीपक ही जलाया जाता है आप चाहे तो तेल का भी दीपक जला सकते है |

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व्रत में क्या खाए -

साबूदाना की पकौड़ी बनाने की विधि |

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नारियल की बर्फी बनाने की विधि |