क्या है धनतेरस में तेल के दिए जलाने का महत्व और आखिर क्यों ख़रीदे जाते है बर्तन ?

कार्तिक मास के त्रयोदशी को धनतेरस मनाया जाता है जोकि दीपावली के दो दिन पहले होता है इस दिन धन्वन्तरि देव का जन्म हुआ था | आपको पता होगा कि जैसे  माँ लक्ष्मी सागर मंथन से प्रकट हुई थी | उसी प्रकार धन्वन्तरि जी भी सागर मंथन से हाथ मे अमृत कलश लिए प्रकट हुए थे |

जहाँ माँ लक्ष्मी धन की देवी है वही ये  माना जाता है, कि आज के दिन गहने बर्तन और चांदी के सिक्के खरीदे जाते है, ऐसा माना जाता है कि वस्तु(धन) मे तेरह गुने की वृद्धि होती है | और धनतेरस  के दिन ही लोग लक्ष्मी-गणेश की प्रतिमा दीपावली के लिए खरीदते है और नये ख़रीदे हुए बर्तन मे दिपावाली पे भोग लगाते है |

Read More- दीपावली क्यों मानते है ?

धनतेरस के दिन सरसों तेल के मिटटी के दिये दक्षिण दिशा की ओर यमराज जी का स्मरण करते हुए जलाते है | ऐसा मानना है कि ऐसा करने से अकाल मृत्यु नहीं होती |

Happy-Dhanteras