July 14 2017

कन्याकुमारी में घूमने के स्थान (Visiting Places in Kanyakumari)

कन्याकुमारी भारत के तमिलनाडु राज्य के दक्षिण तट पर बसा एक शहर है | यह हिन्द महासागर, बंगाल की खाड़ी और अरब सागर का संगम स्थल है | कन्याकुमारी प्राचीन काल से कला, संस्कृति और सभ्यता का प्रतीक रहा है | यहाँ पर घूमने के लिए दूर- दूर से लोग आते है | आइये जानते है कन्याकुमारी में घूमने के स्थान – Read More....
January 28 2017

500 और 1000 के नोटों को बदलने का एक और मौका मिल सकता है |

भारतीय रिजर्व बैंक 500 और 1000 के बंद हो चुके नोटों को एक बार फिर से जमा करने का मौका दे सकती है | वे लोग जो किसी कारणवश अपनी गाढ़ी कमाई बैंको में नही जमा कर पाए उन्हें राहत मिलेगी | Read More....
January 17 2017

Republic Day Speech गणतंत्र दिवस भाषण

हमारा भारत देश कई वर्षो तक ब्रिटिश शासन के अधीन था | उस समय अंग्रेजो ने भारतीय लोगो को अपने कानून का पालन करने को कहा | जो लोग इसका पालन नही करते थे उन पर अत्याचार किये गए | देश को आजाद कराने के लिए बहुत से भारतीय स्वतंत्रता सेनानियों ने बहुत मेहनत की और कई लोगो ने अपनी जान तक गवा दी | Read More....
October 21 2016

आज हम आपको बताते है दिल्ली की कुछ सस्ती बाज़ार |

दिल वालो की दिल्ली की कुछ सस्ती और अच्छी बाज़ार है | यहाँ पर महिलाओ के लिए बजट के अनुसार कपडे, साज- सज्जा व रसोइयो के उपयोग की वस्तुए बाज़ार में मिल जाती है | Read More....
October 05 2015

आइये जानते है भारत की आन बान शान उसकी पहचान तिरंगे के सफर बारे में

प्रत्येक स्वतंत्र राष्ट्र का अपना एक झंडा होता है। यह स्वतंत्र राष्ट्र होने का प्रतीक होता है। भारत के राष्ट्रीय ध्वज की रचना पिंगली वेंकयाद ने की,जिसे भारत की स्वतंत्रता से कुछ दिन पहले , 22 जुलाई 1947 को आयोजित विधानसभा गठन की सभा में ग्रहण किया गया।भारत के राष्ट्रीय ध्वज को 15 अगस्त 1947 से 26 जनुअरी 1950 के बीच भारत का अधिराज्य माना गया। भारत में तिरंगा शब्द का अर्थ भारतीय राष्ट्रीय ध्वज से है। Read More....
October 02 2015

आइये जाने गांधी जी की जयंती पर उनके कुछ प्रेणादायक बाते |

भारत विश्व का एक अनोखा और अनूठा देश है । इस देश की सांस्कृतिक विरासत से लेकर यहां का पूरा इतिहास ही गौरवशाली है । हमारे इतिहास की तरह हमारी आजादी की लड़ाई भी एक मिसाल ही है । यूं तो विश्व के अधिकतर पराधीन देशों को आजादी हिंसा के बाद ही मिली लेकिन इस देश को आजादी वास्तविक तौर पर अहिंसा के मार्ग पर चलने की वजह से मिली और इस मार्ग पर हमें चलने का साहस प्रदान किया मोहनदास करमचंद गांधी ने । Read More....